Saturday, February 28, 2026

हम दोनों प्यार में थे




अज़ान की आवाज़ के साथ मैंने 
पार किया रास्ता 
प्रार्थना की पंक्तियों के साथ 
तुम आगे बढ़े 

हम मिले गिरजे की उन सीढ़ियों पर 
जहां न जाने कितने नाउम्मीद
लोगों के कदमों के निशान थे 
कितनी उदासियों का ठौर था 
कितने कनफेशन सर झुकाये बैठे थे 

हमने एक दूसरे को थामने से पहले 
उन तमाम नाउम्मीदियों को थामा 
हमने एक दूसरे को चूमने से पहले 
उन सीढ़ियों को चूमा 

उतरते दिन की रोशनी 
ने हम दोनों को ढँक लिया था। 

हम दोनों सजदे में थे 
हम दोनों प्यार में थे।  


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