Tuesday, February 10, 2026

फ़रवरी का महीना और प्यार की बातें


प्रेम के इस महीने में 
ऐसे पुरुषों से सवाल करना 
लगभग गुनाह है 
जो अपना प्रेम स्त्रियों पर उलीचने को 
लगभग बेसब्र हुए जा रहे हैं 

जो मजे से हँसकर कहते हैं 
मेरे पास बहुत प्रेम है 
और मैं सारे जमाने की औरतों में 
बांटना चाहता हूँ 
उनसे यह पूछना 
कि इस सारे जमाने में 
उनके घर की स्त्रियाँ भी शामिल हैं क्या 
प्रेम के महीने का मज़ा किरकिरा कर देगा। 

कोई लॉन्ग ड्राइव पर ले जाए 
तो मुस्कुराकर चली जाइए 
उनसे यह न पूछिये कि मुझसे पहले 
जो लड़की कार की इस सीट पर बैठी थी 
वो अब कैसी है, क्या तुम्हें मालूम है? 

जब वो कहें कि 'तुम्हारी बहुत याद आती है' 
तब उनसे यह पूछना अभद्रता होगी कि 
यह मैसेज अभी-अभी तुमने कितनों को भेजा है 

जब वो आपको प्रेम भरी निगाहों से देख रहे हों 
आपकी हथेलियों को थामकर 
दूर तक साथ चलने के वादे कर रहे हों 
आप यह पूछने की गुस्ताखी कैसे करेंगी 
कि जिसे जीवन भर साथ चलने के वादे के साथ 
घर लाये हो, उसका क्या?

जब वो रिश्ते में ईमानदार होने की बात कहें 
तो बस मुस्कुराइये यह सोचते हुए कि 
उनका आपके साथ होना
उनकी बेईमानी का पहला सुबूत है

आखिर यह प्रेम का महीना है 
प्रेम के महीने में सवाल नहीं पूछे जाते 
प्रेम किया जाता है। 

लेकिन, यह सबकुछ क्या सचमुच प्रेम है 
हमेशा और प्रेम के इस महीने में भी  
यह सवाल सिर्फ खुद से पूछना मेरी जान। 

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