Saturday, November 16, 2013

जीवन आयेगा क्या ....?


हां, मैंने दुःख को ठिकाने लगा दिया है।
एकदम ठीक से।

अब वो जीवन में कभी लौटकर नहीं आयेगा....
कभी नहीं...

पर जीवन आयेगा क्या ....?

5 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज रविवार (17-11-2013) को "लख बधाईयाँ" (चर्चा मंचःअंक-1432) पर भी है!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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गुरू नानक जयन्ती, कार्तिक पूर्णिमा (गंगास्नान) की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

रश्मि शर्मा said...

जीवन आएगा क्‍या.....

Onkar said...

सुन्दर पंक्तियाँ

प्रवीण पाण्डेय said...

हर पल का पालन करना ही होता है।

बाबुषा said...

पगली !

ले, जीवन तेरे ब्लॉग पर चल कर आ गया.

:-)