Wednesday, September 4, 2019

पत्नियाँ और प्रेमिकाएं- एकता नहर

1.
पत्नियां कर रही होती हैं अपडेट
डिजिटल कैमरे से कराए फोटोशूट
प्रेमिकाएं चुपके से सहेज रही होती हैं
प्रेमी के साथ आड़ी-तिरछी तस्वीरें

2.
पत्नियों के लॉकर में होते हैं
बहुमूल्य गहने
प्रेमिकाओं की अलमारी में
अनमोल प्रेम-पत्र

3.
पत्नियाँ मछली हैं, अक्वेरियम की
प्रेमिकाएं चिड़िया हैं, आसमान की
प्रेमिकाएं पालती हैं ख्वाब
प्रेमी के घर की मछली हो जाने का
पत्नियाँ चाहती हैं
प्रेमिकाओं की तरह फिर चिड़िया हो जाना

4.
प्रेमिकाएं भाग जाती हैं घर से
अपने प्रेमी के लिए
पत्नियां चाह कर भी रोक लेती हैं खुद को
अपने पति के लिए

5.
प्रेमिकाएं छिपाती हैं अपने एब
प्रेमी से पत्नी का दर्जा पाने के लिए
पत्नियां सीखती हैं रिझाने के तरीके
पति की प्रेमिका बन जाने के लिए

6.
एक दिन
पत्नी और प्रेमिका रोती हैं गले लगकर
आपस में करती हैं दुलार
एक पुरुष के लिए
वे एक-दूसरे की पूरक बन गयीं

(एकता नाहर पत्रकारिता और लेखन से जुड़ी हैं। उनका एक कविता संग्रह आ चुका है ‘सूली पर समाज’। वे दतिया मध्य प्रदेश से हैं।)

(साभार मेरा रंग)

5 comments:

दिलबागसिंह विर्क said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 5.9.19 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3449 में दिया जाएगा

धन्यवाद

varsha said...

vaah

Nitish Tiwary said...

प्रेमिका और पत्नी की सुंदर तुलना।
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

Onkar said...

बहुत सुन्दर

संजय भास्‍कर said...

बेहद ख़ूबसूरत और उम्दा