Monday, August 22, 2016

मैं तुमसे कम भी नहीं हूँ



अदबी ख़ुतूत- हार्पर ली का पत्र अपनी प्रशंसिका के नाम 

मशहूर अमेरिकन लेखिका हार्पर ली से उनकी प्रशंसिका ने उनकी एक तस्वीर मांगी। वो कोई फेसबुक या ट्विटर का जमाना तो था नहीं की फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते ही उनकी तमाम तस्वीरें झोली में आ गिरें। और प्रशंसिका तो अपनी प्रिय लेखिका की तस्वीर सहेजना चाहती थी, वो भी उनके हस्ताक्षर वाली। ली के पास भी उस वक़्त कोई तस्वीर थी नहीं, लेकिन लेखक अपने पाठक के प्रति उदार न हुआ तो काहे का लेखक। ली ने उस प्रशंसिका को तुरंत एक ख़त लिख भेजा, देखिये न छोटे से इस ख़त में कितनी खूबसूरत बात है- प्रतिभा 
06/07/206

प्रिय जेरेमी,

इस वक़्त तो मेरे पास कोई ऐसी तस्वीर नहीं है जो मैं तुम्हें भेज सकूँ। लेकिन मैं तुम्हें कुछ लाइनें लिखकर भेज रही हूँ-

जब तुम बड़ी होगी, यह सच खुद भी याद रखना और सबको बताना भी, कि तुमसे कभी किसी का दिल न दुखे। कभी किसी को ये मत जताना कि तुम इस दुनिया की बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति हो। गरीब या अमीर किसी को भी नहीं लेकिन प्रिय, किसी की भी आँख में झांकना और कहना, ‘हो सकता है मैं तुमसे बेहतर नहीं हूँ, लेकिन निश्चित रूप मैं तुमसे कम भी नहीं हूँ।’

हार्पर ली

6 comments:

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, "१०८ वीं जयंती पर अमर शहीद राजगुरु जी को नमन “ , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

बहुत खूब!
मैं हमेशा अपने साथ काम करने वाले लोगों से कहता हूँ कि तुम बेहतरीन भले नहीं हो, लेकिन किसी से कमतर हो ऐसा भी नहीं. कम से कम कोई दूसरा ऐसा सोचे तो माँ कि तुमसे बेहतर कोई नहीं!
खुद भी यही मानता रहा हूँ जीवन भर!

सॉरी! पोस्ट से बड़ा कमेन्ट हो गया... सच में प्रेरक पोस्ट!

Dilbag Virk said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 25 - 08 - 2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2445 {आंतकवाद कट्टरता का मुरब्बा है } में दिया जाएगा |
धन्यवाद

varsha said...

कभी किसी को ये मत जताना कि तुम इस दुनिया की बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति हो। गरीब या अमीर किसी को भी नहीं लेकिन प्रिय, किसी की भी आँख में झांकना और कहना, ‘हो सकता है मैं तुमसे बेहतर नहीं हूँ, लेकिन निश्चित रूप मैं तुमसे कम भी नहीं हूँ।’

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

प्रेरक पोस्ट !

~सादर
अनिता ललित

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

अत्यंत सुंदर एवं प्रेरक बात कही !

~सादर
अनिता ललित