Saturday, November 20, 2021
इंतज़ार के गुलाब अब नहीं खिलते
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मौसम गुलाबी था उन दिनों जब तेरी याद के गुलाब खिलते थे सर्दियों की आहट में घुला होता था रंग सदियों पुराने तेरे इंतज़ार का अब तू नहीं, तेरा ...
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Friday, November 19, 2021
एक दिन
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सोचा था एक दिन सोउंगी देर तक जागने के बाद भी अलसाती रहूंगी सिरहाने रखी चाय ठंडी होती रहेगी और गुनगुनी चादर में पूरे होने दूँगी ख़्वाब सोचा था...
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Saturday, November 13, 2021
क्या नहीं है प्रेम
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एक बार लेखक मित्र से पूछ बैठी थी 'क्या है प्रेम' जवाब में उसने कहा, ‘क्या नहीं है प्रेम.’ तबसे प्रेम को लेकर मेरा जो तंग नज़रिया था व...
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Sunday, October 24, 2021
कथा नीलगढ़-सपनों को सहेजने की कथा
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इतवार की सुबह जाने क्यों हमेशा जल्दी हो जाती है हालाँकि इच्छा में वो देर से होना चाहती है. कि इस दिन रोज की भागदौड़ जो नहीं होती. लेकिन इस दि...
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Thursday, October 21, 2021
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आप सबके साथ एक छोटी सी ख़ुशी साझा कर रही हूँ. मेरी कविता ‘ओ अच्छी लड़कियों’ को स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में दो अलग-अलग कोर्स में स्थान दिया गय...
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