Wednesday, December 10, 2025
रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब
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मौत का ज़ायका सबको चखना है, ज़िंदगी का ज़ायका किसी किसी को नसीब होता है... ज़िंदगी के इसी ज़ायके को तलाश रहा है 'रियल कश्मीर क्लब'। कश्मी...
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सामाजिक विभेद और प्रेम का ताना बाना है कबिरा सोई पीर है- पूरन जोशी
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प्रतिभा कटियार जी का हाल में प्रकाशित उपन्यास 'कबिरा सोई पीर है' अक्टूबर में पढ़ा. तब इसको ट्रेन में देहरदून से दिल्ली जाते समय एक ही...
Tuesday, December 2, 2025
समय के सरोकार हैं 'कबिरा सोई पीर है' उपन्यास में
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- गीता श्री यह उपन्यास मुझे एक वरिष्ठ लेखक की तरफ से उपहार में मिला था. उन दिनों वे इसे पढ़ रहे थे और मुझ पुस्तक-लालची को बस पता चलना चाहिए...
Wednesday, October 15, 2025
मल्हार- कक्षा 8
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ऑफिस के लंच ब्रेक में इन दिनों नई पाठ्य पुस्तकों से गुजरना हो रहा है। कल कक्षा 7 की मल्हार पढ़ते हुए रवीन्द्र नाथ टैगोर की कविता 'फूलों क...
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Monday, October 13, 2025
विसंगतियों को रूपायित करता उपन्यास
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जितेन ठाकुर जी की टिप्पणी राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित हुई है। आभार! -------- प्रतिभा कटियार का सद्य प्रकाशित उपन्यास जातीय दंश से अभिशप्त ...
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