Thursday, July 23, 2026
इतनी नफरत, इतनी हिंसा
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इतनी नफ़रत इतनी नफ़रत इतनी नफ़रत आखिरी कितनी नफ़रत? इससे नफ़रत उससे नफ़रत उससे नफ़रत आखिर किस किससे नफ़रत? इतनी हिंसा इतनी हिंसा इतनी हिंसा आख...
Thursday, July 9, 2026
यह खुशरंग दिनों की बात है
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शिलॉन्ग से सोहरा की यात्रा शुरू हो चुकी थी। उत्साह, खुशी और गहरी शांति का हाथ थामे हम माँ बेटी निकल पड़े थे। यूं हम जानते तो थे कि सफ़र सुहाना...
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Friday, July 3, 2026
I love Shilong
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ये शिलांग की सुबह है। इस सुबह में बीते दिन की पूरी धमक है, बीती शाम की सरगोशियां हैं, चमक है। सुबह की सैर पर निकली तो चलती ही गई, मानो शिलां...
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Tuesday, June 30, 2026
दिल कह रहा है, तुझसे ये रिश्ता जोड़ लूँ...
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रिश्ता तो जुड़ चुका था। हम शिलॉन्ग पहुंच चुके थे। एक दिन में जैसे न जाने कितने दिन जी लिए थे हमने। कोई दिन ऐसे होते हैं कि जी करता है ख़त्म ही...
Wednesday, June 24, 2026
तेरे लिए मौसम मंगाया है...
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1998 में रिलीज हुई फिल्म 'सत्या' के एक गाने की यह लाइन कि 'मैंने तेरे लिए मौसम मंगाया है, तेरे लिए रस्ता बिछाया है...' इतनी ...
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