Thursday, April 16, 2026
अप्रैल उम्मीद है
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वो जो खिलखिला रहे हैं मोगरे इन दिनों ये अप्रैल की आहट है ये जो सारे दरवाजे खिड़की भेदकर चली आती है रातरानी की ख़ुशबू ये अप्रैल का दीवानापन ...
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Sunday, April 12, 2026
कहानियों के फूल हक़ीक़त की धरती पर खिल उठे थे
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मुझे ख़्वाब देखते लोग बहुत अच्छे लगते हैं। उनके पास से अलग ही ख़ुशबू आती है। न जाने क्यों लेकिन ख़ुद ख़्वाब देखने से डरती रही। डर ख़्वाब टूट जाने...
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Friday, April 3, 2026
जीवन के पास क्या मरहम है?
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खरगोशों की उदुक-फुदक दिन के उगने से पहले धरती को संवार रही है। अरसे बाद बालकनी से लटक कर लगभग कांधे से आ लगने को आतुर अशोक धरती को शोक मुक्त...
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Thursday, March 19, 2026
दिल से दस तक
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ऐसे रास्ते पर चलना जिसमें कोई होड़ न हो। जिस पर चलने वालों को कहीं पहुँचने की हड़बड़ी न हो। किसी को किसी से बेहतर साबित करने का कोई दबाव ही न ह...
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Wednesday, March 18, 2026
उसने कहा, मैं हूँ न!
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लाल टिब्बा का वैभव अब ब्लोगर्स और फोटोग्राफर के हवाले हो चुका है। दुर्लभ प्राकृतिक दृश्यों से घिरी जगह की खूबसूरती को सम्पूर्ण मौन और समर्पण...
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