Tuesday, September 8, 2026
जीवन से बनती नहीं इन दिनों
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कई दिनों से दिनों का कुछ पता नहीं। कई रातों से रातें भी लापता सी हैं। जीवन है कि अलसाए बच्चा सा ऊँघता हुआ पीठ पर बड़ा सा बस्ता लादे बिना मन क...
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Friday, August 28, 2026
फिल्म “बंदर” के तीन बंदर ...
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-ज्योति नंदा फिल्म “बंदर” के तीन संवाद फिल्म की आत्मा है। मेरे लिए फिल्म इनहीं तीन बिंदुओं पे “तीन बंदरों’ की तरह टिकी है. पहला, “हमसब अपने ...
Tuesday, August 18, 2026
कबिरा सोई पीर है- हमारे समाज का आईना
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नवीन जोशी- सघन संवेदनाओं और सामाजिक-राजनैतिक चेतना से सम्पन्न प्रतिभा कटियार कविताओं के अलावा कहानियां भी लिखती रही हैं। रूसी कवि मारीना त्...
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Monday, August 10, 2026
मसूरी घुमक्कड़ी : इस बारिश में
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उदास आँखों को उस रोज़ धुंध से भरी एक सड़क पर रख दिया था। वही सड़क जिसे दूर से टुकुर-टुकुर देखा करती थी। वही सड़क जो अक्सर ख़्वाबों में आती थी और...
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Thursday, July 30, 2026
सो काफ़िर बे पीर...
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- दिनेश कर्नाटक कबिरा सोई पीर है, जो जाने पर पीर। जो पर पीर ना जानई, सो काफिर बे पीर। (कबीर कहते हैं, जो दूसरे की पीड़ा को समझ सके, वही स...
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