Sunday, September 29, 2013
उदास मौसमों के विदा की बेला...
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बदलने लगा है मौसम कन्धों पर झरने लगे हैं गुलाबी ठण्ड के फाहे सुना है उदास मौसमों के विदा की बेला है...
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Tuesday, September 24, 2013
किसी से न कहना
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सुनो, अरे सुनो तो....राघव हांफते हुए काजल के पीछे भाग रहा है. काजल पलटकर देखती है. खिलखिलाकर हंसती है और फिर भागने लगती है. दम है तो जी...
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Friday, September 20, 2013
सब ठीक है....
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सुबह जल्दी जागती हूं इन दिनों रियाज़ के लिए चुनती हूं राग भैरवी सैर में भैरवी की तान के संग गुनती चलती हूं स्कूल जा रहे बच्चों की मुस्कुर...
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Wednesday, September 18, 2013
प्रतिरोध
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मौन की जमीन पर भी उग ही आते हैं प्रतिरोध के बीज आसमान के पल्लू में बांधकर रखी गयी तमाम खामोशियाँ लेने लगती हैं आकार धरती से आस...
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Thursday, September 5, 2013
हथेलियां...जो आजकल खुली रहती हैं...
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इन दिनों आंखों में कोई दृश्य ठहरता नहीं. कानों में कोई बात नहीं रुकती, जेहन की डायरी पर कोई लम्हा दर्ज नहीं होता...हर रोज कोरे पन्नों का ...
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