Saturday, February 27, 2010
फूले ढेर पलाश तो लगा होली है
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फूले ढेर पलाश तो लगा होली है मचने लगा धमाल तो लगा होली है, गोरी हुई उदास तो लगा होली है पलकों पे सजी आस तो लगा होली है...
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Thursday, February 25, 2010
ये क्या गड़बड़झाला है...
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ज्योति नंदा 'माय नेम इज खान' के रिलीज़ के एक हफ्ते बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया स्वरुप एक अखबार में ३ स्टार दिए गए, जबकि पूरे मीडिया...
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Monday, February 22, 2010
दर्द का साहिल कोई नहीं
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हर मंज़िल इक मंज़िल है नयी और आख़िरी मंज़िल कोई नहीं इक सैले-रवाने-दर्दे-हयात और दर्द का साहिल कोई नहीं हर गाम पे ख़ूँ के तूफ़ाँ हैं, हर मोड...
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Saturday, February 13, 2010
इन फेवर ऑफ लव
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- प्रवीण शेखर मैं तुम्हें प्रेम करना चाहता था/ जिस तरह से तुम्हें किसी ने नहीं चाहा/ तुम्हारे भाई, पिता, मां और तुम्हारे चारों तरफ के वे त...
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Friday, February 5, 2010
एक टुकड़ा याद
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एक याद सपने की मानिंद उतरती है रोज पलकों में, नींद की चाप सुनते ही पंखुड़ी सी खुलने लगती है आंखों में रात भर गुनगुनाती है मिलन के...
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