Saturday, November 21, 2009
चुप का पहाड़
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पार किए विन्ध्य से लेकर हिमालय तक न जाने कितने पहाड़, पार की गंगा से वोल्गा और टेम्स तक न जाने कितनी नदियां. बड़ी आसानी से पा...
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Saturday, November 14, 2009
समंदर ने मुझे प्यासा ही रखा...
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कहते हैं कि अगर जिंदगी का एक सुर भी ठीक तरह से लग जाए तो जिंदगी महक उठती है. एक बूंद अमृत अगर सच्चे सुर का पीने को मिल जाए तो उसके बाद बाक...
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Tuesday, November 10, 2009
एक मौसम खिल रहा है..
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एक मौसम आसमान से उतर रहा था। एक मौसम शाखों पर खिल रहा था। एक मौसम पहाड़ों से उतर रहा था। एक मौसम रास्तों से गुजर रहा थाएक मौसम शानों पर ब...
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Saturday, October 31, 2009
मरने की तुम पे चाह हो
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सुनना मेरी भी दास्तां, अब तो जिगर के पास हो, तेरे लिए मैं क्या करूं, तुम भी तो इतने उदास हो. कहते हैं रहिए खमोश ही, चैन से जीना सीखिए चा...
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Thursday, October 22, 2009
तेरी जीत में मेरी हार है
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कैसे अपने दिल को मनाऊं मैं, कैसे कह दूं कि तुझसे प्यार है, तू सितम की अपनी मिसाल है, तेरी जीत में मेरी हार है। तू तो बांध रखने का आदी ह...
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