Friday, July 31, 2009
प्रेमचंद- उन अक्षरों का शुक्रिया
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यूं तो मुंशी प्रेमचंद जीवन के तमाम मुश्किल वक्त में किसी न किसी बहाने हमारा हाथ थामे रहते हैं. लेकिन आज उन्हें याद करना, अब तक के हासिल को ...
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Tuesday, July 28, 2009
आदतन हमने ऐतबार किया
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सब्र हर बार अख़्ितयार किया हम से होता नहीं, ह$जार किया आदतन तुम ने कर दिये वादे आदतन हमने ऐतबार किया हमने अक्सर तुम्हारी राहों में रु...
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Friday, July 24, 2009
इंतजार
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नदियों ने छोड़ दिये रास्ते, पहाड़ों ने मंजूर कर लिया पीछे हटना, फूलों ने सीख लिया टहनियों पर ठहरना, हवाओं में दाखिल हो गई शाइस्तग...
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Tuesday, July 21, 2009
अपने लिए
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सूरज से चंद किरनें ली उधार. फूलों से ली खुशबू $जरा सी. गुरुओं से लिया आर्शीवाद, किताबों से एक नाता चुना, दोस्तों की शुभकामनाएं, आंखों में ढ...
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Sunday, July 12, 2009
बूंदों की साजिश
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हवाएं रोज दरवाजा थपथपातीं। बादल का कोई न कोई टुकड़ा रोज बड़े ही करीब से होकर गुजर जाता. लगता कि अभी, बस अभी पकड़ लूं इसे. आसमान के सारे न...
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