Sunday, January 17, 2021
साथ
›
साथ का सबसे सुंदर पल वह होता है जब आप साथ हों और पैदल चल रहे हों. संवाद स्थगित. भीतर भी बाहर भी. हम दोनों उस रोज ऐसे ही साथ में थे. कदम आगे ...
7 comments:
Tuesday, January 12, 2021
अगर धड़के न दोबारा
›
धडकन सांसें नहीं बनती अगर धड़के नहीं दोबारा कदम आगे नहीं बढ़ते अगर पड़ते नहीं दोबारा बूँद बरसात न बनती अगर बरसे नहीं दोबारा मौसम मौसम नहीं होत...
3 comments:
Sunday, January 3, 2021
कई शेड्स की है ये नेल पौलिश
›
नेल पॉलिश देख ली. क्राइम मेरा जौनर नहीं है हालाँकि क्रिमिनल जस्टिस जैसी कुछ सीरीज देखी ही हैं. अगर यह मानव कौल की फिल्म न होती तो शायद मैं इ...
2 comments:
Friday, January 1, 2021
सुबह मिल ही गयी इक रोज
›
तय किया था कि रात से ही सुबह का पता पूछकर उसकी राह तकूंगी. रात ने कहा था कि सुबह को अगर उसके दिन में दाखिल होते ही मिल लिया जाय तो वो कुछ द...
1 comment:
Thursday, December 31, 2020
प्रस्तर मारीना- अनीता दुबे
›
कुछ जीवनियों को पढ़कर लगता है कि जैसे हम भी वहीं खड़े थे और दृश्य घटित हो रहे थे ।कभी लगता है कि जीवन किसी महान व्यक्ति का उतना सरल कभी नहीं...
‹
›
Home
View web version