Friday, March 18, 2016
नो मोर ब्यूटी काॅम्प्लीमेंट्स प्लीज़!
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जबसे समझ लिया सौन्दर्य का असल रूप तबसे उतार फेंके जेवरात सारे न रहा चाव, सजने सवरने का न प्रशंसाओं की दरकार ही रही नदी के आईने मे...
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Wednesday, March 16, 2016
पोस्ट....लाइक, कमेंट्स, जिंदगी की नई इबारत....
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फेसबुक- लम्हा लम्हा दर्ज होती जिंदगी काश कोई हमें सुन लेता, वहां से जहां शब्दों का कोई काम ही नहीं रहता। काश कोई हमें पढ़ लेता ठीक वह...
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Sunday, March 13, 2016
तो मुझे तुम से कुछ नहीं कहना है...
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सर्वेश्वरदयाल सक्सेना यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में आग लगी हो तो क्या तुम दूसरे कमरे में सो सकते हो? यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में लाशें ...
Thursday, March 3, 2016
जानती हूं वो जागेगा सारी रात...
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कोई सर्पीली सी राह गुजरती है सामने से। एक बूढ़ा दरख्त जो राहगीरों को रास्ता बताया करता था, थक चुका है। वो धूप में अलसाया खड़ा है। दि...
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Thursday, February 25, 2016
मुक्कमल सुबह सबका हक़ है
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रात को अचानक नींद खुल जाती है. स्याह साये से आसपास मंडराते नज़र आते हैं. तुम्हारा नाम क्या है? कोई सख्त आवाज में पूछता है. मैं हड़बड़ा ज...
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