Wednesday, July 29, 2015
'लव इस नॉट अ च्वाइस'
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डू यू लव मी ? अपनी देह के तमाम घाव बिसरा कर, रेंगकर सूख चुके खून की पपड़ियों के बीच बेहद विश्वास से भर कर वो उससे पूछती है. विश्वास, हाँ य...
Tuesday, July 28, 2015
चाय वाकई अच्छी है
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जिंदगी अपनी रफ़्तार से चलते-चलते दो कदम पीछे को लौटती है. मुस्कुराती है, निगाह भर देखती है खुला आसमान। उसमे बनने-बिगड़ने वाली आकृतियां। धा...
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Tuesday, July 14, 2015
बारिश, शोर, तन्हाई...
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सारी रात सिरहाने बारिश शोर करती रही। अब जबकि रात बीत चुकी है. महसूस होने के लिए होना जरूरी नहीं होता लेकिन होने के लिए होना ही होता है...
Sunday, July 5, 2015
कॉपीराइट वाली मुस्कान..
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लड़का हर शाम उसकी पलकों की जाग को नींद की चादर ओढ़ाकर सुभीते से विदा लेता। उसके सिरहाने अपनी खुशबू रखता और बेहद आहिस्ता से रुखसत होता...
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Saturday, July 4, 2015
तुम्हारी मनमर्जियां मेरी अमानत हैं...
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मेरे पल्लू के कोने में नहीं बंधी है कोई नसीहत तुझे देने को मेरी लाडो विरासत में मिली संस्कारों और रीति रिवाजों वाली भारी भरकम ओढनी ...
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