प्रतिभा की दुनिया ...
Thursday, February 19, 2015

जब हम पहली बार मिले थे....

›
जब हम पहली बार मिले थे खूब बारिश हो रही थी हालाँकि धूप कहीं गयी नहीं थी लेकिन बारिश हो रही थी मैं भीगना चाहती थी लेकिन भीगने से ब...
6 comments:
Wednesday, February 18, 2015

पाकीज़ा सी एक याद सिनेमा की.…

›
स्मृतियों का कुछ पता नहीं कब किस गली का फेरा लगाने पहुंच जायें और जाने क्या-क्या न खंगालने लगें। ऐसे ही एक रोज सिनेमा की बात चली तो वो ब...
1 comment:
Saturday, February 14, 2015

प्यार हम अपना लुटा देंगे...तुम आओ तो सही...

›
ये किसकी आहटों से धरती सज गई है...किसने अपना दुपट्टा ऊंचे आसमान में लहराकर किया है अपने प्रेम का ऐलान, किसने अपने मौन में छुपा रखी है अपन...
6 comments:
Friday, February 13, 2015

आखिर ये किसका प्यार हैं...

›
ये किसके विरह में जल उठे हैं पलाश के जंगल ये किसकी उदासियों पर डाल देते हैं शोख रंगों की चूनर किसके इंतजार की खुशबू में महकते र...
2 comments:
Thursday, February 12, 2015

घायल रूह पर बसंत के फाहे...

›
सबसे सख्त वक़्त में सबसे नाज़ुक एहसासों को सहेजना जरूरी होता है। यह बात या तो कुदरत को पता है या स्त्री को। सो दोनों पूरी शिद्दत से सहेजे...
‹
›
Home
View web version
My photo
Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
View my complete profile
Powered by Blogger.