प्रतिभा की दुनिया ...
Monday, January 28, 2013

आपन गीत हम लिखब...

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अब अपनी बात हम खुद लिखेंगे जैसे चाहेंगे वैसे जियेंगे न जी पायेंगे अगर मर्जी के मुताबिक, न सही तो उस न जी पाने की वजह ही लिखेंगे, हम खुद...
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Sunday, January 20, 2013

तुझसे नाराज नहीं जिन्दगी...

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(दृश्य - एक सजा संवरा से कमरा है. हर चीज करीने से. एक टेबल और दो चेयर. टेबल पर अभी पीकर रखे गये चाय के कप के निशान हैं.) जीवन- तुम हं...
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Saturday, January 19, 2013

जिंदगी सांस लेने का नाम है किसने कहा...

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उसके आंसुओं में जो नमक था वो प्यार था. उसकी मुस्कुराहट में जो रुदन था वो कविता थी। उसकी कविता में जो धड़कता था वो दिल था, उसके दिल में ...
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Sunday, January 13, 2013

मैंने...तेरे लिए रस्ता बिछाया है...

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वो चाय की प्याली के साथ धूप का एक टुकड़ा भी रख गई थी सिरहाने. उसके होठों पर कोई गीत रखा था, जिसे उसने मेरे करीब आते हुए छुपा लिया था फि...
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Saturday, January 12, 2013

याद कैलेण्डर

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जनवरी- सर्दियों के लिहाफ से चुपके निकलता है सूरज कुछ चहलकदमी करके, वापस लौट जाता है यादों को लौटने का हुनर क्यों नहीं आता... फरवर...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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