प्रतिभा की दुनिया ...
Friday, December 19, 2008

एक तुम्हारा होना

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एक तुम्हारा होना क्या से क्या कर देता है बेजुबान छत दीवारों को घर कर देता है खाली शब्दों में आता है ऐसा अर्थ पिरोना ...
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Saturday, December 13, 2008

आप उसे फोन करें

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“आप उसे फोन करें तो कोई ज़रूरी नहीं कि उसका फोन खाली हो हो सकता है उस वक्त वह चाँद से बतिया रही हो या तारों को फोन लगा रही हो वह थोड़...
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Friday, December 12, 2008

शुक्रिया

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शुक्रिया मैं कितनी अहसानमंद हूँ उनकीजिन्हें मुहब्बत नहीं करती। यह मान लेने में भी कितना सुकून है की उनकी किसी और को मुझसे ज्यादा जरूरत ...
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Wednesday, December 10, 2008

खुशनुमा याद के नाम

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Friday, December 5, 2008

इस बार नहीं

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इस बार जब वो छोटी सी बच्ची मेरे पास अपनी खरोंच के लेकर आएगी मैं उसे फू- फू कर नहीं बहलाऊंगा पनपने दूँगा उसकी टीस को इस बार नहीं, इस बार जब म...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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