Thursday, October 23, 2008
सच्चा प्यार
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nओबल पुरस्कार विजेता विस्साव शिम्बोर्स्का की कवितायें मुझे बहुत priy हैं। आज उनकी यह कविता फ़िर से पढ़ी और इसे पद्धति ही गई...आज के ज़माने में...
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Wednesday, August 27, 2008
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Tuesday, August 26, 2008
लिखती हुई लड़कियां
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लिखती हुई लड़कियां बहुत खूबसूरत होती हैं लिखती हुई लड़कियां अपने भीतर रचती हैं ढेरों सवाल अपने अन्दर लिखती हैं मुस्कुराहटों का कस...
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जो तुमसे चाहता है मन
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तुम्हारे साथ हँसना तुम्हारे साथ रोना तुम्हारे साथ रहना तुम्हारे साथ सोना.... न जाने कितनी बातें हैं जो तुमसे चाहता है मन तुम्हीं स...
मोक्ष
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इसी काया में मोक्ष बहुत दिनों से में किसी ऐसे आदमी से मिलना चाहता हूँ जिसे देखते ही लगे इसी से तो मिलना था पिचले कई जन्मो से। एक ऐसा...
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