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अगड़म बगड़म
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Friday, August 11, 2023
ये भी कोई बात हुई
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बात बात बात… कितना कुछ कहा जा रहा है. मैं थक जाती हूँ. थोड़ा सुनती हूँ उतने में ही थक जाती हूँ. कुछ कहने की इच्छा मात्र से थक जाती हूँ. कहन...
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Sunday, July 19, 2020
नींद
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आधी गोली पूरी नींद का चक्कर लगाने के बाद घुटने टेक देती है पूरी गोली आधी नींद से दोस्ती कर सुस्ता लेती है बची हुई आधी नींद भटकती ...
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Thursday, October 13, 2016
शोर अच्छा नहीं लगता...
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कुछ दिनों से अपने 'स' की तलाश में फिर से भटक रही हूँ. इस भटकन में सुख है. अकसर लगता है कि बस अब पहुँचने वाली हूँ, कहाँ पता नहीं...
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Wednesday, July 1, 2015
जब बारिशें आएं तो...
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जब बारिशें आएं तो रेनकोट और छतरियों को पर धकेल देना, तमाम नसीहतों को दीवार की खूँटी पे टांग देना, निकल पड़ना बारिश के संग बरसे फूलों से भर...
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Wednesday, June 25, 2014
बड़ी बात नहीं है मोहब्बत करना...
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सुनो, बड़ी बात नहीं है मोहब्बत करना, बड़ी बात तो है मोहब्बत को सांस-सांस सहना। बड़ी बात नहीं है अपने आंचल की खुशियों को किसी क...
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Tuesday, August 19, 2008
allav
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1८ अगस्त गुलज़ार साहब का जन्मदिन आज उनकी ये नज़्म मेरे ब्लॉग पर रात भर सर्द हवा चलती रही रात भर हमने अलाव तापा मैंने माजी से...
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