Sunday, June 29, 2025
एवरेस्ट गर्ल मेघा परमार: ज़िद का जादू
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कोई दिन, कोई लम्हा ज़िन्दगी का हासिल होता है। यूं महसूस होता है कि शायद इसी लम्हे की तो तलाश थी। कल ऐसा ही एक लम्हा हासिल हुआ। एवरेस्ट गर्ल म...
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Friday, June 13, 2025
कुछ सवाल, कुछ बेचैनियों का संसार है ‘कबिरा सोई पीर है’
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' कबिरा सोई पीर है' उपन्यास पर जगमोहन सिंह कठैत जी ने आत्मीय और मौजूं टिप्पणी लिखी है। जगमोहन जी लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर गहरा...
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Monday, June 9, 2025
विकल्प क्या है सिवाय नई उम्मीद उगाने के
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‘व्हेन लाइफ़ गिव्स यू टैंजरीन्स’ (कोरियन ड्रामा) देर से प्यास लगी थी। नहीं जानती ये प्यास कितनी पुरानी थी। लेकिन रोम-रोम प्यास से पीड़ित था ह...
Sunday, May 11, 2025
युद्ध के बाद की कुछ कवितायें
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झरती हुई पत्तियां -MARGARET POSTGATE COLE (November 1915) आज एक ठहरी हुई दोपहर में मैंने पेड़ों से झरते हुए देखा कत्थई पत्तियों को कोई हवा ...
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Friday, May 9, 2025
शिक्षा और सम्मान पर तो सबका बराबर हक़ है- संगीता फ़रासी
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उत्तराखंड के श्रीनगर शहर की एक ख़ूबसूरत पहाड़ी पर एक स्कूल है, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बहड़। इस स्कूल में एक कहानी लिखी जा रही है। लिख रही है...
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