Wednesday, February 16, 2022
न पूछ परीज़ादों से
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कल रात 12 बजे के करीब ‘परिज़ाद’ का आखिरी एपिसोड देखा. मैंने खुद को ख़ुशी के आंसुओं में तर इस कदर कब कुछ देखते हुए पाया था याद किया तो जल्दी स...
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Saturday, February 12, 2022
अब पहुंची हो तुम
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आखिर मुझ तक भी पहुँच ही गयी 'अब पहुंची हो तुम'. एक सप्ताह से छुट्टियों की राह ताक रही हैं 7 किताबें. आज सब पैकेट खुले हैं. धूप खिली ...
Monday, February 7, 2022
कहानी- थैंक यू
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पिंक साड़ी पहनूं या ब्लैक? या फिर ग्रीन वाली? साड़ी में आंटी जी तो नहीं लगने लगूंगी मैं? जींस कुर्ता पहन लूं स्मार्ट लगेगा. नहीं वो काफी कैजुअ...
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Sunday, February 6, 2022
एक प्यारी सी पाती
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पाठकीय प्रतिक्रियाओं को मैं सार्वजनिक नहीं करती, उनके नेह में भीग लेती हूँ, दिल में सहेज लेती हूँ. लेकिन कहानी 'बकरियां जात नहीं पूछतीं...
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Tuesday, February 1, 2022
धूप से गुनगुनाते प्रेम पत्र
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- जयंती रंगनाथन मैं उसी की तरह, उसी जैसा बन कर कुछ कहना चाहती हूं: मैं धूप हूं तुम्हारे हिस्से की, अपने हिस्से की भी और उस बुलबुल के हिस्से...
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