प्रतिभा की दुनिया ...
Sunday, January 30, 2022

पुकार लेना बारिश

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कई बार चाहा अपना नाम बदल लूं, नदी रख लूं अपना नाम. कभी जी करता कोई बारिश कहकर पुकारे तो एक बार. बहुत दिल चाहता कोई गुलमोहर कहता कभी. कभी मौ...
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Monday, January 24, 2022

बारिश पंचम सुर में आलाप ले रही है

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एक समय था जब मैं प्यार में मर जाना चाहती थी. एक वक़्त है जब मैं प्यार को पी जाना चाहती हूँ. एक वह वक़्त था जब बेज़ारी थी ज़िन्दगी से, एक ये वक़्त...
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Sunday, January 23, 2022

कहानी- अरुणिमा

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- प्रतिभा कटियार हरसिंगार के फूल हथेलियों में भरकर अरुणिमा के ऊपर गिराने में तरुण को जितना सुख मिलता अरुणिमा को उससे ज्यादा सुख मिलता कभी ठं...
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Thursday, January 20, 2022

कौन जात हो भाई?

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दलित पीड़ा और विक्षोभ को स्वर देने वाली कविता किस तरह दबाई जाती है, प्रियदर्शन जी की एक टिप्पणी जो  ndtv.in पर प्रकाशित हुई है.  इसलिए ज़रूर...
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Sunday, January 16, 2022

नागरिक समाज- बसंत त्रिपाठी का कविता संग्रह

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इस इतवार की तैयारी कल शाम ही हो गयी थी. तीन नयी किताबें सिरहाने रखकर सोई जो थी. इन्हें पढ़ने का मोह इस कदर था कि सुबह नींद जल्दी खुल गयी. पह...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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