Friday, April 30, 2021
अपना ख़याल रखना
›
30 अप्रैल 2021 एक गहरी चुप सी लगी है. कुछ कहते नहीं बनते, कुछ सुनने को दिल नहीं करता. उदास खबरें बीनते बीनते हाथों में फफोले निकल आये हैं. ल...
5 comments:
Sunday, April 25, 2021
दुःख
›
कोई घुटता हुआ दुःख सरक रहा है साँसों में बाहर निकलने को व्याकुल है दर्द भरी चीख जिसकी कोई जगह नहीं अभी बाहर फफक कर रोने की इच्छा को रौंद दि...
2 comments:
Friday, April 23, 2021
अप्रैल का सीना छलनी है
›
पेड़ों से पत्तियां नहीं उदासी झर रही है रिक्त हथेलियों में उतर आया है सूना आसमान रास्तों की वीरानी टपकती रहती है कोरों से कि आहटें सिर्फ उदास...
2 comments:
Wednesday, April 21, 2021
कविता कारवां के सभी लाइव कार्यक्रम स्थगित
›
साथियो, जैसे-जैसे बाहर के हालात ख़राब होते जा रहे हैं मन का मौसम उजड़ता जा रहा है. जब कविता कारवां के पांचवी वर्षगाँठ के अवसर पर सबको साथ लेकर...
Monday, April 19, 2021
तुमसे प्यार है
›
किसी से कहना हो कि तुमसे प्यार है तो कह दो इस मुश्किल वक़्त में कौन जाने ये शब्द थाम लें किसी की टूटती साँसों को अपने होने को उड़ेल दो दूर बैठ...
5 comments:
‹
›
Home
View web version