Friday, September 28, 2018
फेवरेट सिनेमा- अनुरनन
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ये शाम इतनी खूबसूरत है, क्या इसे मैं हमेशा के लिए अपने पास नहीं रख सकती? जब कभी मेरा मन उदास हो जाय तब इसी शाम को क्या मैं फिर से नहीं ...
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Monday, September 17, 2018
फेवरेट सिनेमा- सिमरन
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प्यारी सी है सिमरन... अगर बात सिर्फ बंधनों को तोड़ने की है तो बात जरूरी है लेकिन बात जब बंधनों को पहचानने की हो तो और भी ज़रूरी हो जाती...
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Sunday, September 16, 2018
नायिका उस प्रेम से बाहर नहीं आ सकी थी
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और मैंने पाया है अक्सरहाँ यह गुण तुम्हारी नायिका में कि वह घटनाओं में, संबंधों में, अनुष्ठानों में, कार्यक्रमों में, संवादों में, बारिशों ...
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Saturday, September 15, 2018
फेवरेट सिनेमा- जापानीज़ वाइफ
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एक फिल्म देखी थी जापानीज़ वाइफ. यह धीरे-धीरे सरकती हुई फिल्म है ठीक वैसे ही जैसे आहिस्ता-आहिस्ता नसों में उतरता है प्यार. कोई हड़बड़ी नही...
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Friday, September 14, 2018
बारिश का बोसा और सितम्बर
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चुपके से दबे पाँव आता है सितम्बर पीठ से पीठ टिका कर बैठ जाता है झरनों का संगीत सुनाता है ओढाता है बदलते मौसम की नर्म चादर उंगलियों...
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