Thursday, May 31, 2018
जिन्दगी की कश्मकश से रू-ब-रू कराती कवितायें
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- प्रतिभा कटियार यूँ तो समूचा जीवन ही कविता है लेकिन जीवन में कविता कहाँ टकराएगी पता नहीं. यह कविताओं का तूफानी दौर मालूम होता है. ...
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Wednesday, May 30, 2018
रेखा चमोली की डायरी के साथ एक यात्रा
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यह 2012 की याद को पलट के देखना है. उस रोज जब मुठ्ठियों में 20 मई का दिन था और सामने उत्तरकाशी का रास्ता. अगर स्मृति दोष नहीं है तो संभवत...
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Sunday, May 27, 2018
प्रतिरोध, शोर और जुलूस
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अन्याय होगा तो प्रतिरोध भी होगा प्रतिरोध का अपना ढब भी होगा शोर भी मचेगा निकलेगा जुलूस भी जब शामिल होना उस प्रतिरोध में अन्...
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Saturday, May 26, 2018
प्रेम
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बीत गयी शामों से चुरा ली थी खाली हुए चाय के कप की खनक उतरती शाम की उदासी और तुम्हारे बटुए से गिरा वो एक सिक्का तुम्हारी मेहनत की कम...
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Sunday, May 13, 2018
माँ के लिए
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अगर हम रोक सके हैं तुम्हें अपने हिस्से के सुख हमारी खातिर सहेजने से अपनी पसंद की चीज़ें छुपाकर हमारे लिए रखने से गर्म फुल्के खिलाने को देर...
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