प्रतिभा की दुनिया ...
Thursday, February 25, 2016

मुक्कमल सुबह सबका हक़ है

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रात को अचानक नींद खुल जाती है. स्याह साये से आसपास मंडराते नज़र आते हैं. तुम्हारा नाम क्या है? कोई सख्त आवाज में पूछता है. मैं हड़बड़ा ज...
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Monday, February 22, 2016

सवाल तुम सवाल हम

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शिक्षा हमें समझ देती है, संवेदना देती है, सवाल देती है, सवालों से जूझने की ताकत देती है, रास्तों को ढूंढने की ओर अग्रसर करती है। शिक्षा...
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Monday, February 8, 2016

हर घड़ी ख़ुद से उलझना है मुक़द्दर मेरा

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कोई खिड़की से झांककर कहता है, 'गाड़ी आराम से चलाना, आहिस्ता' मैं मुस्कुराकर देखती हूँ. वो निदा फ़ाज़ली से आखिरी मुलाकात का आखिरी लम्ह...
Sunday, February 7, 2016

इतवारी खुराफात, शरत बाबू, देवदास और बारिश

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पिछले दिनों बातों बातों में देवदास का जिक्र चला तो बैशाख की किसी दोपहर से दौड़कर आया देवदास और साथ बैठकर कॉफी पीने की दिक करने लगा. मैंन...
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Saturday, February 6, 2016

फसलों से लहलहाते दुपट्टे

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दुपट्टे सबको अच्छे लगते हैं समाज को अच्छे लगते हैं लड़कियों की देह की मांसलता को छुपाते दुपट्टे उन्हें शर्म और हया में लिपटाये रखने...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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