Sunday, November 9, 2014
गुमशुदा नवम्बर...
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नवंबर महीने में इतना एटीट्यूड क्यों होता है...पता नहीं...लेकिन उसका एटीट्यूड अक्सर जायज ही लगता है. उसके कंधों पर से गुनगुनी धूप उतार लेन...
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Thursday, November 6, 2014
ये चाँद बीते ज़मानों का आइना होगा...
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करोगे याद तो हर बात याद आएगी गुज़रते वक्त की हर मौज ठहर जाएगी ये चाँद बीते ज़मानों का आइना होगा भटकते अब्र में चेहरा कोई बना होगा...
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Saturday, November 1, 2014
गुलों में रंग भरे.… हैदर
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कभी कभी चुप्पी का अपना सुख होता है… 'हैदर' फिल्म देखने के बाद एक लम्बी चुप में सिमट जाने को जी चाहता है… एक लम्बी चीख के बाद की...
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Wednesday, October 29, 2014
'मौत ज़िंदगी का अंत नहीं होती...' - रेहाना जब्बारी
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(बना रहे बनारस से साभार) रेहाना जब्बारी का माँ के नाम आख़िरी संदेश और वसीयत रेहाना जब्बारी के बारे में दुनिया को पहली बार 2007 में ...
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Sunday, October 12, 2014
जंगल से उठती धुन और चीड़ों पर चौदहवीं का चांद...
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एक सर्पीली सी राह थी...पगडंडडियों का सफर...चीड़ों का जंगल और सर पर चौदहवीं का चांद. चांदनी छलकने को बेताब...चांद...
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