Thursday, July 28, 2011
रिल्के, मरीना और एक सिलसिला - 10 (अंतिम किश्त )
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मरीना रिल्के के पत्र के इंतजार में अपनी सुबह-शाम बिताती थी. हर दिन बस इंतजार के हवाले रहता था और वो कयास लगाते हुए अपने दिल को बहलाती थी ...
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Sunday, July 24, 2011
रिल्के, मरीना और एक सिलसिला - 9
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वो हवा का कोई झोंका ही रहा होगा शायद जिसने एक मरती हुई आत्मा में प्राण फूंके होंगे. मरीना के पतझर से झरते उदास जीवन में रिल्के के खत, उनकी ...
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Friday, July 8, 2011
रिल्के, मरीना और एक सिलसिला - 8
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रिल्के उन दिनों एकान्तवास में थे. म्यूजॉट की पहाडिय़ों पर वे अपने स्वास्थ्य और एकान्त दोनों को साध रहे थे. मरीना के पत्र उन्हें वहीं मिले....
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Sunday, July 3, 2011
रिल्के, मरीना और एक सिलसिला... 7
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इधर मारीना बिगड़ते हुए हालात को संभालने के लिए खुद को गहन दुख में डुबोने तक को तत्पर थी, उधर उसके भीतर का प्रेम हर लम्हा उसका जीना मुहाल कि...
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Friday, July 1, 2011
रिल्के, मरीना और एक सिलसिला... 6
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बोरिस के पत्र मरीना के जीवन में चल रहे बसंत पर अवसाद का पतझड़ लेकर आये. मरीना बोरिस के पत्र पढ़कर गहन पीड़ा में डूब गई. उसे बोरिस की भावनाओ...
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