प्रतिभा की दुनिया ...
Saturday, July 4, 2009

एक दिल बच गया है साबुत

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हमने भी विदा कर दिया प्रेम रुखसत कर दीं ख़ुद को टटोलने की कोशिश करती बातें ख़ुद पर से उतार दिया चांदनी का जादू यह सफर यहां खत्म होता है ...
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Wednesday, June 24, 2009

मत बुझाओ इंतजार का चांद

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तिथियों की गणना के हिसाब से तो पूर्णमाशी थी उस रोज लेकिन चांद न जाने कहां गुम था। हवाओं ने जिस्म को सहलाया तो महसूस हुआ कि हवाओं में भी ति...
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Monday, June 22, 2009

ये मेरी उम्र मोहब्बत के लिए थोड़ी है

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िजंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं मैं तो मर कर भी मेरी जान तुम्हें चाहूंगा। तू मिला है तो एहसास हुआ है मुझको ये मेरी उम्र मोहब्बत ...
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Sunday, June 21, 2009

संगीत का दिन और दिल का साज

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आज विश्व संगीत दिवस है. मुझे नहीं पता कि ऐसे दिनों का क्या महत्व होता है लेकिन इतना $जरूर है कि मेरे लिए हर दिन संगीत का दिन, कविता क...
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Saturday, June 13, 2009

सफर में शब्द और कोई नहीं...

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सूरज की एक तिरछी सी पतली लकीर लड़की के गालों को छूते हुए माथे पर पड़ रही थी. लड़का उसे देख रहा था. लड़के ने अपने भीतर कुछ पिघलता हुआ महसूस...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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