Wednesday, February 7, 2024
साथ ही साहस है
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क्या मैं रोना चाहती हूँ? क्या मैं उदास हूँ? क्या मैं दुखी हूँ? क्या मुझे सांत्वना की दरकार है? इन सवालों से घिरी ही थी कि कुछ नए सवाल उग आए ...
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Monday, January 8, 2024
आने से ज्यादा जरूरी है आने की इच्छा
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ओ जानाँ, तुम्हारा आकर जाना मुझे प्रिय है कि छूट जाती है एक ख़ुशबू तुम्हारे पीछे जो डोलती-फिरती है मरे दायें बायें तुम्हारे जाने के बाद, ...
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Sunday, December 31, 2023
जग दर्शन का मेला
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इस बरस की अंतिम सुबह चाय के साथ पहली लाइन पढ़ी, 'जब चाँद को पहली बार देखा तो लगा यही है वह, जिससे अपने मन की बात कह सकती हूँ।' एक सलो...
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Sunday, December 24, 2023
इस बरस की खर्ची
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इस बरस को पलटकर देखने को पलकें मूँदती हूँ तो आँखों के किनारे कुछ बूंदें चली आती हैं। इन बूंदों में एक कहानी छुपी है। एक नन्ही सी भोली सी कहा...
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Monday, December 4, 2023
पतझड़- नया उगने की आहट
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सुबह की चाय पीते हुए कैथरीन से मिली। उसकी आँखों में बीते समय की परछाईं थी। मैंने उससे पूछना चाहा, 'क्या तुम बदल गयी हो?' लेकिन कुछ भ...
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