प्रतिभा की दुनिया ...
Thursday, May 4, 2017

मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे ...

›
ये इनायतें गजब की ये बला की मेहरबानी मेरी खैरियत भी पूछी किसी और की जबानी... मौसम सुबह से संगत बिठाने में लगा था, इंतजार था कि बस हथेलिय...
3 comments:
Sunday, April 30, 2017

रात है..,चाँद है...इंतजारी है...

›
पुर नूर बशर कहिये या नूरे खुदा कहिये अल्फाज़ नहीं मिलते सरकार को क्या कहिये... दिन सूरज के सात घोड़ों पर सवार होकर उगते हैं इन दिनों. किसी ...
3 comments:
Saturday, April 29, 2017

प्यार ही मेरा धर्म है, तुम ही उसके रीति रिवाज़

›
इंग्लैण्ड के प्यारे रूमानी कवि जॉन कीट्स (1795-1821) ने बहुत छोटी सी ज़िन्दगी जी. लेकिन उस छोटी सी जिंदगी के रंग इतने गाढ़े थे कि उनकी चम...
Sunday, April 2, 2017

दुःख को विदा

›
एक स्त्री दुःख को विदा करने जाती है और देखती रहती है उसे देर तक दरवाजे पर खड़ी दुःख भी जाता नहीं एकदम से ठिठका रहता है ड्योढ़ी पर त...
4 comments:
Thursday, March 30, 2017

हर दस्तक को गौर से सुनना...

›
दरवाजे पर पड़ती हर दस्तक बताती है दस्तक देने वाले के भीतर की दुनिया का पता हौले से दरवाजे पर कोई रखता है हाथ होते-होते रह जाती है कोई ...
3 comments:
‹
›
Home
View web version
My photo
Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
View my complete profile
Powered by Blogger.