प्रतिभा की दुनिया ...
Friday, January 27, 2017

जब नहीं आए थे तुम...

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- अली सरदार जाफरी जब नहीं आए थे तुम, तब भी तो तुम आए थे आँख में नूर की और दिल में लहू की सूरत याद की तरह धड़कते हुए दिल की सूरत तुम...
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Thursday, January 26, 2017

कहानी 'सेल्फी'

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- प्रतिभा कटियार  बाहर शदीद बारिश हो रही थी लेकिन मिटटी की खुशबू गायब थी...कन्नू की नींद भी. कन्नू की नींद बड़ी पक्की सहेली थी उसकी. ...
Thursday, January 12, 2017

सामर्थ्य केवल इच्छा का दूसरा नाम है...

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तुम्हारे साथ रहकर अक्सर मुझे ऐसा महसूस हुआ है कि दिशाएँ पास आ गयी हैं, हर रास्ता छोटा हो गया है, दुनिया सिमटकर एक आँगन-सी बन गयी है जो ...
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Sunday, January 1, 2017

अकेलेपन में खिलना और महकना...

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नदी की बीच धार में उसने धीरे-धीरे अपनी मुठ्ठी खोल दी थी...मेहँदी के साथ-साथ उसने अपने हाथों की सारी लकीरें भी बहा दी थीं. मेहँदी का रंग न...
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Saturday, December 31, 2016

चलो चलें जिंदगी की ओर...

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सुनो,  जब पास से गुजरे शोर का सैलाब तुम कानों को बंद कर निकल जाना किसी जंगल की ओर. बोलने से बचना प्रिय कि बोलना महसूसने के आड़े ही आत...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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