प्रतिभा की दुनिया ...
Saturday, April 30, 2016

तेज धूप में घनी छांव सा स्कूल

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रास्तों की धूप तब धूप नहीं रहती, जब रास्तों के उस पार कोई सुंदर संसार आपके इंतजार में हो। तेज धूप में भीगते हुए जब हम लौट रहे थे, तब मन म...
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Wednesday, April 20, 2016

हिंदीवालों को इंस्टेंट राइटिंग की कला सीखनी पड़ेगी- स्वयं प्रकाश

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क्या लेखक राजनीति से बचा हुआ व्यक्ति है? उसकी राजनैतिक प्रतिबद्धतायें पार्टीगत उसके लेखन में रिफलेक्ट करती है क्या? नहीं। राजनीति से ...
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Saturday, April 16, 2016

मेरी शिकायत दर्ज की जाए मी लॉर्ड / देवयानी

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- देवयानी भरद्वाज  कितने साल लगते हैं एक बलात्कार, एक हत्या, एक ज़ुर्म की सजा सुनाने में अदालत को कितने साल के बाद तक है इजाज़त कि एक...
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Thursday, April 14, 2016

नजर और नजरिये के दरम्यिान स्त्री

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- प्रतिभा कटियार हम नहीं जानते कि हम नहीं जानते और इस न जानने को उम्र भर जीते जाते हैं। महसूस करते हैं वो जो महसूस करने के इंजेक्शन स...
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Friday, April 8, 2016

जा रे, मैं नहीं देती अटेंशन...

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मौसमी बुखार की ज़द में भी कितना कुछ होता है. कितनी स्म्रतियां होती हैं इसकी हथेलियों में, कितने महकते लम्हे और कैसा गुनगुना सा एहसास. पै...
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Pratibha Katiyar
A journalist,writer and always a learner
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