Thursday, June 9, 2011

तुम एक पूरा संसार हो...

रिश्तों को, उम्र को बरसों में गिनना मेरे लिए हमेशा मुश्किल काम रहा है. एक पल में जहां हजार सदियों को जीने का हुनर सीखा  है, वहीं एक ही लम्हे  को उम्र भर कांधों पर लिये घूमने से मुक्ति का रास्ता भी  ढूंढ रही हूं. मैथमेटिक्स में कभी मन लगा ही नहीं, सो उम्र और बरसों के हिसाब को दीवार पर टंगे कैलेंडर पर ही रहने दिया हमेशा. इसलिए नहीं पता कि तुमसे कितनी सदियों पुरानी मोहब्बत है. मैंने कभी  तुम्हारा हाथ थामकर नहीं कहा कि तुमसे कितना प्यार है. कभी हमने आँखों  में आँखें डालकर एक-दूसरे से नहीं कहा कि हम कितने जरूरी हैं एक-दूसरे के लिए. 


बरसते दिनों में सड़कों को रौंदने निकल पडऩे को एक साथ व्याकुल होता मन और बिना फोन, बिना संदेश के टेलीपेथी के सहारे निकल ही पडऩा और सामने आ खड़ा होना एकदम से. इधर से नंबर डायल करना और उधर घंटी बजने से पहले ही फोन का उठ जाना. यह सब था हमारे बीच. लेकिन हमने कभी नहीं कहा आई लव यू जैसा कुछ भी. दिन भर कॉलेज में साथ रहने के बाद घंटो फोन का बिल बढ़ाने के बाद भी जाने क्या रह जाता था कि हम निकल पड़ते थे मिलने को. किसी को कभी समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या रह जाता है हर बार, जिसे पकड़ने को व्याकुल रहते हैं हम हमेशा. हमें भी कहाँ समझ में आया है कुछ भी हालाँकि सिलसिला अब तक बदस्तूर जारी है.  तुम्हें  याद है, तुमने मेरे जन्मदिन पर खूबसूरत  रूमाल दिये थे. शायद वो पहला तोहफा था तुम्हारा. हमारी दोस्ती तब नई-नई थी. किसी ने कहा था, अरे रूमाल. इससे तो दोस्ती टूट जाती है. एक सुझाव मिला, रख लो लेकिन इस्तेमाल न करना. मैंने रखे भी और इस्तेमाल भी  किये.. देखो कितने बरस बह गये बरसातों में. उन रूमालों में तुम्हारे प्यार की जो खुशबू  थी, उसका असर अब भी कम नहीं हुआ. जरा भी  नहीं. एक बार एक फ्रेंडशिप डे के कार्ड पर कुछ मीठा सा लिख भेजा था तुमने, लाल पेन से. फिर कहीं से आवाज आई थी लाल रंग से नहीं लिखते प्रेम की बात, दुश्मन को ख़त  लिखते  हैं लाल रंग से. देखो, वो लाल रंग कैसा खिल  रहा है हमारे बीच. हमने हमेशा नियम तोड़े ना? हम बिल्कुल एक जैसे नहीं हैं. तुम पूरब तो मैं पश्चिम. फिर भी देखो ना कैसे सरपट दौड़ रही है हमारी जिंदगी. जिंदगी चंद लोगों में सिमटी है मेरी और तुम उन चंद लोगों में सबसे करीब हो. मैं बीमार तो तुम, मैं परेशान तो तुम, मैं खुश तो कौन था सिवा तुम्हारे. मेरे एकान्त में तुम्हें ही इंट्री मिलती रही हमेशा से. कितना कुछ समझा तुमने बिना कहे. 

कितने आंसू तुमने मेरी पलकों से चुराकर अपने पास रख  लिये हैं. कितनी मुस्कुराहटें तुमने यूं ही मुझे पकड़ाई हैं. जब छूट रहा था जीवन और टूट रहा था आत्मविश्वास तब कौन था तुम्हारे सिवा. हजारों कोस दूर बैठकर तुम्हें मेरी दवाइयों का वक्त, डॉक्टर से अप्वाइंटमेंट, लेख भेजने की आखिरी तारीख, कौन सी फिल्म देख  ही लेनी चाहिए मुझे तुरंत सब याद रहता है. मेरे हर लिखे  को पढऩा, हर कहे को सुनना तुम्हारी आदत बना दी है मैंने. जब निराशा के गहन तिमिर का हमला होता है, एक फोन बजता है और तुम्हारी आवाज प्रकट होती है. तुम्हारी आवाज मेरी आवाज की उदासी चुरा ले जाती है. दोस्त, मैं बहुत बुरी हूं. अपने जीवन की उलझनों में अक्सर भूली  तुम्हारी  जिंदगी के ख़ास दिन. खुद फोन करके याद दिलाया तुमने कि यार विश तो कर दो. कभी कोई नाराजगी नहीं. 

पिछले दिनों कुछ नये दोस्त बने हैं, तुम्हें तो पता ही है. उन्होंने सिखाया है कि जो दिल के करीब हों, उन्हें कह दो कि कितना प्यार है उनसे. न जाने जिंदगी फिर ये मौका दे न दे. दोस्त, आज तुम्हारे जन्मदिन पर मैं चिल्ला-चिल्लाकर यह कहना चाहती हूं कि मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूं. कहना चाहती हूं कि तुम्हारा होना बहुत मायने रखता है मेरी जिंदगी में. तुम्हारे प्रेम में नहीं, अपने प्यार में स्वार्थी होकर मैं तुम्हें आज बहुत सारी दुआएं देती हूं कि कायम रहें तुम्हारी मुस्कुराहटें. तुम्हारे कंधों यूं ही मजबूत रहें जिन पर मैं सर टिकाती रहूं. मेरी गुरू, मेरी दोस्त, मेरी जान ज्योति तुम मेरा एक पूरा संसार हो...तुम्हारे जन्मदिन पर बहुत सारा प्यार...हैप्पी बर्थ डे...!

(- सुना है जिन्हें हम सबसे ज्यादा प्यार करते हैं, उनके बारे में लिखने से प्यार कम हो जाता है. (ये शायद इसीलिए कहा गया होगा कि उनके बारे में लिखना सबसे मुश्किल होता है) लेकिन आज फिर एक नियम तोड़ ही दिया मैंने. ...जाओ बाहर पूरा मौसम तुम्हारा इंतजार कर रहा है.)

11 comments:

pallavi trivedi said...

दोस्ती में कोई नियम नहीं होते... दोस्ती बस दोस्ती होती है हज़ार नियम तोड़ने के बाद भी! आपकी दोस्ती कायम रहे! जन्मदिन की शुभकामनाएं..

Dr.Nidhi Tandon said...

सुन्दर..........दोस्ती यूँ ही कायम रहे......सालगिरह की मुबारकबाद १

jyoti nishant said...

are...yaar thank you kahlva ke hi manogi

प्रवीण पाण्डेय said...

कभी वर्ष क्षण भर में व्यर्थ से दिखते हैं कभी क्षणों में वर्षों का आनन्द आ जाता है।

मनोज पटेल said...

इतने नाजुक एहसासों पर कोई कहे भी तो क्या...
सो बस इतना कि हैप्पी बर्थ डे!!

बाबुषा said...

A very happy birthday to Jyoti ! :-)

mahendra srivastava said...

बहुत सुंदर लेख. जन्मदिन की मुबारकबाद

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति said...

दोस्ती तो खुदा की सबसे सौगात है.. दोस्ती पर आंच ना आये .... ज्योति जी की दोस्ती पर इतना सुन्दर लेख..ज्योति जी को जन्मदिन पर सुन्दर सौगात ... जन्मदिन मुबारक हो...

डिम्पल मल्होत्रा said...

दोस्त मिल जाये जमाने में मुकद्दर की बात होती है...

प्रिया said...

लिखा पढने की आदत तो हमारी भी डाल दी है आपने...हमें आपकी दोस्त से रश्क हो रहा है .....क़ि आप दोनों के पास आप दोनों सा कोई है ... ऐसे देखो तो दुनिया कितनी खूबसूरत है ...ज्योति को जन्मदिन के ढेरों बधाई

Rahul said...

wahh shabdo ko kubsurat bana date ho aap..sacha mai..dil kerta hai bas padhta jau...