Thursday, October 8, 2009

शरद में बसंत

इतनी आसानी से जीवन में बसंत आता नहीं
पहले पत्ता-पत्ता झरने का सलीका सीख लो...
- विवेक भटनागर

9 comments:

rajiv said...

Abhi to shrad ritu ka anand lene do basant me ptton ke bare me sochenge

Mithilesh dubey said...

बेहद खूबसूरत।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

सुन्दर शेर है।

शायदा said...

bahut khoob.

चंदन कुमार झा said...

ओह !!!!!!! बेहद खूबसूरत पंक्तियां ।

चंदन कुमार झा said...

ओह !!!!!!! बेहद खूबसूरत पंक्तियां ।

विपिन बिहारी गोयल said...

पहले पत्ता-पत्ता झरने का सलीका सीख लो...

बहुत मुश्किल है यह सलीका सीखना

बेहद सुंदर पंक्तियाँ

सुशीला पुरी said...

वाह क्या बात है ?

पारूल said...

kya baat hai ! vaah